जुनून की आँधियाँ बरकरार है,

मुझमें बाकी अभी बहुत जान है|

 

हालात तो बिगड़ते संभलते रहे,

रास्तों की मुश्किलों ने भी लिए बहुत इम्तेहान है

पर टूटा नहीं, गिरा नहीं, जो भी हो

मुझमें बाकी अभी बहुत जान है|

 

खोटा सिक्का कह कह कर लोगों ने

सताया बहुत, रुलाया बहुत

लेकिन मेरा खुदा भी बहुत मेहरबान है

कभी बुझने ना दी दिल में जलती वो आग है

मुझमें आज भी बाकी बहुत जान है|

 

महफिलें लगी हैं, शामियाने सजे हैं

क्या हुआ अगर अब तक बंद मेरी दुकान है

होगा सब एक दिन मेरे पास भी

इतना मुझे खुद पर विश्वास है

मुझमें बाकी अभी बहुत जान है|

 

ना हिम्मत हारी है कभी, ना हारूँगा कभी

वो खुदा मेरी मेहनत का गवाह है ,

उसके घर देर सही, पर इन्साफ है

चलेगा एक दिन ये खोटा सिक्का भी

और जीत लेगा ये जहाँ है

 

मुझमें बाकी अभी बहुत जान है

और ये तो बस ज़िन्दगी की शुरुवात है|

6 Replies to “जुनून की आँधियाँ बरकरार है”

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