हाल -ऐ –दिल ब्यान करे तो करे किसे?
हाल -ऐ -दिल ब्यान करे तो करे कैसे ?
एक हलचल सी है दिल में जैसे रहती।
बेताबी सी जो बहुत कुछ है कहती।
सपना सा है एक जहन में,
पूरा जिसे करने की चाहत है रहती
एक लो में है ज़िन्दगी जैसे बहती
ना दिशा है, ना तरकीब है
जहन में जैसे एक तस्वीर है।
ना ठहरने देती है ,
ना कम्बख्त नींद आने देती है।
रात भर जगाती है, चाँद से बतियाती है।
झाँकती मुझमे मेरे वजूद सी है
शायद खुद की पहचान करवाना चाहती है

6 Replies to “जहन में बसी वो एक तस्वीर”

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